//दिल को छू लेने वाली बेहतरीन कविता

दिल को छू लेने वाली बेहतरीन कविता

हमारे भारत देश में जहां बड़ी संख्या में कविता प्रेमियों और लेखकों की संख्या है यह वास्तव में एक आश्चर्य की बात है कि नए कवियों के लिए कोई भी उपयुक्त मंच नहीं है ।

यह विश्वास करना मुश्किल है कि ढ़िंचक पूजा और बादशाह जैसे रैपर के समय मे ,आज के युवा न केवल कविता में रुचि दिखा रहे हैं बल्कि आकर्षक और सुंदर कविताए लिख भी रहे हैं ।

ऐसी ही कुछ दिल को छू लेने वाली बेहतरींन रचनायें प्रस्तुत है:

शीर्षक-मन का शोर 

“ना जाने क्यो मन में तेरे शोर रहता हैं•••दिल मे कुछ और दिमाग मे कुछ और रहता हैं,

कुछ नही मन का सब बहम है तेरे•••कि इस दुनिया मे हर कोई चोर रहता है,

ना जाने क्यो मन में तेरे शोर रहता हैं•••दिल मे कुछ और दिमाग मे कुछ और रहता हैं,

सोचती होगी तू भी कभी कि मन मे तेरे मैं हूँ या कोई ओर रहता हैं•••या ये कुछ नही मेरी कविताओ का दौर रहता हैं,

जानता हूँ कि कई सवाल हैं मन मे तेरे•••छोड़ उन सवालो को सवालो के अलावा भी कोई और रहता हैं,

ना जाने क्यो मन में तेरे शोर रहता हैं•••दिल मे कुछ और दिमाग मे कुछ और रहता हैं.” ✒✒✒

शीर्षक – तस्वीर का वार

“ना जाने क्यो आज फिर किसी ने अपनी तस्वीर से यूं वार किया हैं•••कि बिना इज्जाज़त लिये ही तस्वीर को तुम्हारी, तुम्हारी दीवार से उतार लिया हैं ,

ये तो कह नही सकता की क्या सोचकर खुदा ने तुझे बनाया होगा•••मगर इतना जरुर हैं कि बनाने वाले ने भी सब कुछ अपना वार दिया हैं•••

ना जाने क्यो आज फिर किसी ने अपनी तस्वीर से यूं वार किया हैं•••कि बिना इज्जाज़त लिये ही तस्वीर को तुम्हारी, तुम्हारी दीवार से उतार लिया हैं,

मैं तो बस निकला था रोज कि तरह दूसरो के घरो मे झाकने को•••देखी तस्वीर तुम्हारी तो पास से देखने का मन बार बार किया हैं,

रुका थमा ओर देखने लगा इस हसीं चेहरे को फिर सोचा चलना चाहिए•••मगर ना जाने क्यो लगी इस तस्वीर ने वापिस जाने से मना हर बार किया हैं,

ना जाने क्यो आज फिर किसी ने अपनी तस्वीर से यूं वार किया हैं•••कि बिना इज्जाज़त लिये ही तस्वीर को तुम्हारी, तुम्हारी दीवार से उतार लिया हैं” ✒✒✒

तुषार गोयल, दिल्ली आवासी द्वारा लिखित